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	<title>SatYa ! Blog &#38; Thoughts &#187; featured</title>
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	<description>Blog &#38; Thoughts</description>
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		<title>इरोम शर्मिला &#8211; कौन है …?</title>
		<link>http://satyadev.net/2009/03/irom-sharmila-who-is-this-%e0%a4%87%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e2%80%a6/</link>
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		<pubDate>Thu, 19 Mar 2009 04:12:54 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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		<description><![CDATA[पिछले 7 मार्च को शर्मिला को रिहा कर के फ़िर से गिरफ़्तार कर लिया गया … आरोप &#8220;आत्महत्या की कोशिश&#8221; !
कौन है ये शर्मिला … क्या आप जानते है ?
तमाम गान्धीवाद की बातें करने वाले लो भी शायद शर्मिला से अन्भिग्य होंगे ! शर्मिला मणिपुर पूर्वोत्तर मे फ़ौजी शासन का कानून हटाने के लिये पिछले [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<div class="wp-caption aligncenter" style="width: 262px"><img alt="Irom Sharmila" src="http://satyadev.net/wp-content/uploads/2009/03/iron-sharmila-252x3001.jpg" title="Irom Sharmila" width="252" height="300" /><p class="wp-caption-text">Irom Sharmila</p></div>
<p>पिछले 7 मार्च को शर्मिला को रिहा कर के फ़िर से गिरफ़्तार कर लिया गया … आरोप &#8220;आत्महत्या की कोशिश&#8221; !</p>
<p>कौन है ये शर्मिला … क्या आप जानते है ?</p>
<p>तमाम गान्धीवाद की बातें करने वाले लो भी शायद शर्मिला से अन्भिग्य होंगे ! शर्मिला मणिपुर पूर्वोत्तर मे फ़ौजी शासन का कानून हटाने के लिये पिछले 8 साल से भूख हड्ताल पर है ! और ये गान्धी को राष्ट्रपिता मानने वाले देश की सबसे बडी विडम्बना है कि शार्मिला को &#8220;आत्महत्या के प्रयास&#8221; के आरोप मे गिरफ़्तारी और सजा भी मिल रही है। अगर गान्धीजी इस आजाद भारत मे सान्स ले रहे होते तो शायद वो फ़िर कभी उपवास या &#8216;hunger till die&#8217; नही कर पाते, क्यो कि आत्महत्या के प्रयास मे उनको भी जेल भेज दिया जाता और मुकदमे मे 3-4 साल कि सजा भी होती।<br />
भारत क कानून लिख्नने वाले इस भूख हड्ताल के हथियार से अच्छी तरह वाकिफ़ हो चुके थे और समझते थे कि ये हथियार उपलब्ध रहने दिया तो देश मे अपनी मर्जी से शासन चलाना मुस्किल हो जायेगा । इसलिये भूख हड्ताल को भी &#8216;आत्महत्या क प्रयास&#8217; कह कर इस पर कानूनी शिकजा कस दिया।</p>
<p>खैर … यहा मुद्दा  कानून का नही है बल्कि इतने बडे आन्दोलन पर जनमानस और मीडिया की उपेक्षित रवैया है । शर्मिला के बारे मे मुझे जानकारी 4-5 साल पहले ही हुई और वो भी BBC की वेबसाइट पर, जबकि यह उपवास आन्दोलन  सन 2000 से जारी है। भारतीय टीवी मीडिया के लिये तो ये कभी खबर बनी नही और ना ही बन सकती है क्योकि इसमे कोइ मसाला नही है और ये चैनल की रेटिन्ग बढाने मे कोई मदद नही करेगा। ना यहा चान्द मोहम्मद जैसा रोमान्स है और ना ही गड्ढे मे फ़से बच्चे के जीवित होने या ना होने का सस्पेन्स् । और ना ही भूत प्रेत का किस्सा और ना ही किसी नागिन का पुनर्जन्म ।  फ़िर  फ़र्क  ही क्या पडता है इन मीडिया के दिग्गजो को … । मै बहुत सारे अखबार तो पढ नही पाता लेकिन जितनो का भी अनुसरण करता हू, किसी ने इस खबर को आज तक तबज्जो नही दी । और तो और बडी बडी बाते करने वाले भारतीय ब्लोग्विदो की भी बहुत कम प्रतिक्रिया ही दिखाई दी ।</p>
<p>खैर  मीडिया को क्यो भला बुरा कहें … आज यह एक सिर्फ़ उद्योग ही तो है । और आम जनता … उसे भी क्या मतलब है … इस घटना से कोई उसकी रोजी रोटी पर फ़रक थोडी पडेगा । फ़िर आज की दुनिया मे कौन गान्धी … और कैसा गान्धीवाद । आज की जनता तो वैसे भी गान्धी को कोसती ही मिलती है । जहा भी मौका मिला गान्धी को लतिया ही लेते है… ऐसे मे जो गान्धीवाद की बात करे तो वो उनके लिये निरा मूर्ख है।</p>
<p>और विस्वास ना हो तो उन लोगो की राय सुनिये जो गान्धीजी के नाम का ही खाते पीते है … महात्मा गांधी की पोती इला गांधी भी इन्ही मे से एक है और कहती है &#8211; &#8220;जहाँ तक शर्मिला का सवाल है, इस बात को ध्यान रखने की ज़रूरत है कि गांधी ने कभी भी अकेले सत्याग्रह की बात नहीं की. उन्होंने इसके लिए समुदाय को साथ लेकर चलने की बात कही. दूसरा यह कि लोगों का समर्थन भी मिलना ज़रूरी है.&#8221;</p>
<p>अब क्या करे इला जी ? मैने जहा तक गान्धीजी को पढा और समझा है … उन्होने ये कभी नही कहा कि सत्याग्रह तभी करो जब बहुत सारा समर्थन हासिल हो …और आप को लगता है तो क्या आपने अभी तक शर्मिला के समर्थन किया ? क्या कभी उससे  मिलने पहुची … किसी मन्च पर शर्मिला कि चर्चा की ? क्या आपने शर्मिला के समर्थन मे एक दिन का भी उपवास रखा ?<br />
<object width="425" height="344"><param name="movie" value="http://www.youtube.com/v/5xw5vSrRkjE&#038;hl=en&#038;fs=1"></param><param name="allowFullScreen" value="true"></param><param name="allowscriptaccess" value="always"></param><embed src="http://www.youtube.com/v/5xw5vSrRkjE&#038;hl=en&#038;fs=1" type="application/x-shockwave-flash" allowscriptaccess="always" allowfullscreen="true" width="425" height="344"></embed></object></p>
<p>सन 2000 मे भारतीय फ़ोजियों ने शर्मिला के कस्बे मे घुसकर कइ लोगो को मौत के घाट उतार दिया था । मणिपुर पूर्वोतार राज्य मे सेना को &#8220;विशेष अधिकार अधिनियम&#8221; के तहत किसी को भी गिरफ़्तार करने और बिना मुकद्दमा चलाये  अपने कब्जे मे रखने  के अधिकार मिले हुए है।  इन अधिकारो का सेना के लोगो का भरपूर दुरुपयोग होता है। ये कोइ एक एकलोती घटना नही है… बल्कि ना जाने कितने बेगुनाह मौत के घाट उतारे जा चुके है । 2000 मे शर्मिला की दुनिया उजड्ने के बाद उसने इस विशेषधिकार कानून  के खिलाफ़ अपनी लडाई शुरु की ।  एक असहाय के पास &#8216;गान्धीवाद&#8217; से बडा कोइ हथियार नही था … और इस हत्याकाण्ड के बाद शार्मिला ने भूख हड्ताल शुरू कर दी।</p>
<p>और तभी से ये अनवरत लडाई और अनवरत यातना जारी है …!<br />
क्या आप और हम इस सन्घर्ष मे कुछ मदद कर सकते है ? कलम से ही सही …!</p>
<p>और अधिक जानकारी के लिये जाये :</p>
<p><a href="http://en.wikipedia.org/wiki/Irom_Chanu_Sharmila">http://en.wikipedia.org/wiki/Irom_Chanu_Sharmila</a><br />
<a href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/01/070130_satyagrah_reality.shtml">http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/01/070130_satyagrah_reality.shtml</a><br />
<a href="http://www.imow.org/wpp/stories/viewStory?storyId=1084">http://www.imow.org/wpp/stories/viewStory?storyId=1084</a><br />
<a href="http://darpan1.blogspot.com/2008/08/blog-post.html">http://darpan1.blogspot.com/2008/08/blog-post.html</a></p>
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		<title>फ़ायरफॉक्स का हिंदी संस्करण जारी हुआ</title>
		<link>http://satyadev.net/2008/12/%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d/</link>
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		<pubDate>Sun, 21 Dec 2008 05:32:01 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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		<description><![CDATA[Source : BBC News

साइबर जगत में हिंदी का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है. मोज़िला ने फ़ायरफ़ॉक्स को आधिकारिक तौर पर पहली बार हिंदी में जारी कर                      दिया है. 
इस वेब ब्राउजर के हिंदी [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p class="storytext">Source : BBC News</p>
<p><img class="alignnone size-full wp-image-116" title="firefox_logo" src="http://satyadev.net/wp-content/uploads/2008/12/firefox_logo.jpeg" alt="firefox_logo" width="150" height="142" /></p>
<p class="storytext"><strong>साइबर जगत में हिंदी का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है. मोज़िला ने फ़ायरफ़ॉक्स को आधिकारिक तौर पर पहली बार हिंदी में जारी कर                      दिया है. </strong></p>
<p class="storytext">इस वेब ब्राउजर के हिंदी संस्करण को विकसित करने का काम पिछले तीन साल से चल रहा था.</p>
<p class="storytext">हिंदी के अलावा फ़ायरफ़ॉक्स को बांग्ला और चार अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध कराया गया है.</p>
<p class="storytext"><!-- end_story -->फ़ायरफ़ॉक्स 3.05 की ख़ासियत इसमें सुरक्षा के कई उपाय हैं. क्रॉस साइट स्क्रिप्टिंग यानी सीएसएस पर ख़ासा ध्यान दिया गया है.</p>
<p class="storytext"><strong>सीएसएस</strong></p>
<p class="storytext">सीएसएस के ज़रिए पिछले सत्र के सभी वेब पेज री-लोड हो जाते हैं और इस तरह किसी वेब पेज पर काम करते हुए ज़रूरी सूचनाएँ हैक नहीं                   की जा सकतीं.</p>
<p class="storytext">इससे पहले, हैकर्स फाइनेंशियल और अन्य संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने के लिए इसे अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल करते थे.</p>
<p class="storytext">
<p id="quotebox">
<table id="inlinebox" border="0" cellspacing="0" cellpadding="0" width="208" align="right" bgcolor="#e3edf7">
<tbody>
<tr>
<td bgcolor="#ffffff"><img src="http://www.bbc.co.uk/f/t.gif" border="0" alt="" width="5" height="1" /></td>
<td>
<p class="inlineboxquote"><img src="http://www.bbc.co.uk/worldservice/images/furniture/800_left_quote.gif" border="0" alt="" width="18" height="13" /> फ़ायरफॉक्स 3.05 में हैकर्स को घुसपैठ से रोकने के लिए कई और इंतज़ाम भी किए गए हैं</p>
<p><img src="http://www.bbc.co.uk/worldservice/images/furniture/800_right_quote.gif" border="0" alt="" width="18" height="13" align="right" /></p>
<p class="six">
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p class="storytext">फ़ायरफॉक्स 3.05 में हैकर्स को घुसपैठ से रोकने के लिए कई और इंतज़ाम भी किए गए हैं.</p>
<p class="storytext">साथ ही इस ब्राउज़र का इस्तेमाल करने वालों को उनके अधिकारों की जानकारी भी दी गई है.</p>
<p class="storytext">इस विकसित बीटा वर्जन को पहली बार आधिकारिक अऩुवाद के तौर पर मोज़िला की ओर से जारी किया गया है.</p>
<p class="storytext">यह आधिकारिक रिलीज लिनॉक्स, विंडोज़, और मैक तीनों प्लेटफॉर्मों के लिए उपलब्ध है और हिंदी के उपभोक्ता डाउनलोड कर इसका इस्तेमाल                   कर सकते हैं.</p>
<p class="storytext">फ़ायरफ़ॉक्स हिंदी का आधिकारिक रिलीज ऐसे वक़्त आया है जब माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर को लेकर तमाम सवाल उठाए जा रहे हैं.</p>
<p class="storytext">यहाँ तक कि कंपनी ने हाल ही में इंटरनेट एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करने वालों को सलाह दी है कि जब तक सुरक्षा संबंधी एक गंभीर कमी                   को दुरुस्त नहीं कर दिया जाता तब तक सतर्कता से ब्राउज़िंग करें.</p>
<p class="storytext">Source : BBC</p>
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