अरे भाई ये तो कमाल हो गया ! गूगल ने अपने अनुवाद सेवा ( translation service ) मे हिन्दी की सुविधा भी प्रदान कर दी है. यह एक बहुप्रतिक्षित और हिन्दी के क्षेत्र मे क्रांतिकारी कदम है. गूगल पहले ही हिन्दी की बेहतरीन transliteration ( आनुवादिक लेखन प्रणाली ) पेश कर चुका है जिसके सहयोग से लाखो लोगो ने हिन्दी लिखना शुरू कर दिया है. इंटरनेट पर यह काफ़ी कारगर साबित हुआ है. इसकी खास विशेषता है … शुद्धता ! यह रोमन लिपि मे लिखे शब्दों को Artificial intelligence से शब्दकोष से निकाल कर लिखता है .. और साथ मे विभिन्न विकल्प भी प्रदान करता है.
लेकिन हिन्दी से और में अनुवाद तो भाई चमत्कार है. गूगल पहले से लगभग २० से भी ज्यादा भाषाओ मे अनुवाद सेवा प्रदान कर रहा था. हिन्दी दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है. पहले नम्बर पर चीनी है और अंग्रेजी तीसरे नम्बर पर आती है. ये देख के बड़ा दुःख होता था की हिन्दी से १/१० गुना कम बोली जाने भाषाओ के लिए इंटरनेट पर सब कुछ उपलब्ध है लेकिन हिन्दी मे कुछ नही ! इससे सबसे बड़ा फायदा उन्हें होने वाला है जो हर सूचना और साहित्य को पढ़ना और समझाना चाहते है बिना किसी भाषा की बाध्यता के. यानी की अब अगर मेरे दादाजी को अंग्रेजी या किसी और भाषा मे लिखी चीजे समझ मे नही आ रही तो उसे फटाफट हिन्दी मे अनुवाद कर के पढ़ सकते है. किसी दवा के ऊपर लिखा तरीका या नुस्खा समझ नही आ रहा तो बस उसे गूगल पर टाइप कर अनुवाद कर लीजिये.
मेरे एक मित्र है जो नीदरलैंड मे रहते है .. और वह सब कुछ डच भाषा मे लिखा होता है .. उसे समझने के लिए वो लंबे समय से गूगल ट्रांसलेशन की सेवा ले रहे है. डच और चीनी भासा मे लिख के आने वाले ई-मेल को मैं भी गूगल ट्रांसलेशन का सहारा लेता हूँ. और अब हिन्दी मे लिखे जाने वाली बातो को दुनिया के लोग आसानी से अपनी भासा मे अनुवाद कर समझ सकेंगे. मतलब ये की मे मेरी कंपनी के अमेरिकन सीईओ को हिन्दी मे भी ईमेल कर सकता हूँ.
है ना चमत्कार .. भाषा विवाद से मुक्ति. अब चाहे जर्मन साहित्य को हिन्दी मे पढिये या फ्रेंच के नाटकों को. या फ़िर चीनी पारम्परिक नुस्खो को !
हालाकि अभी अनुवाद इतना सटीक नही है … कई चीजो मे गलतिया होती है …. कई बार ढंग से वाक्य नही बनता लेकिन शुरुआत बहुत अच्छी है . १००% सही अनुवाद तो अभी तक किसी भाषा के लिए उपलब्ध नही है और ना ही हो सकता है … अब आप ही बताइए की जर्मन कविताओ का हुबहू अंग्रेजी अनुवाद कैसे सम्भव है. तो हिन्दी मे गूगल ने जो प्रदान किया है वो उम्मीद से भी बेहतर है. हालाकि और भी कई कंपनियाँ अनुवाद क्षेत्र मे है .. जैसे बिग्फिश, लेकिन अभी तक किसी और ने हिन्दी के लिए कुछ नही किया. इसलिए गूगल इस फ्री सेवा को शुरू करने के लिए धन्यवाद का पात्र है.
http://www.google.com/language_tools
तो चलो इस फ्री सेवा का आनंद उठाये, सब सूचनाओ को आम आदमी को सुलभ बनाये और हिन्दी भाषा को नए आयाम तक ले जाए.
I will add this service for on-fly translation of any webpage, in Hindi Toolbar ( http://satyadev.net/toolbar/ ) soon.