इरोम शर्मिला – कौन है …?

Irom Sharmila

Irom Sharmila

पिछले 7 मार्च को शर्मिला को रिहा कर के फ़िर से गिरफ़्तार कर लिया गया … आरोप “आत्महत्या की कोशिश” !

कौन है ये शर्मिला … क्या आप जानते है ?

तमाम गान्धीवाद की बातें करने वाले लो भी शायद शर्मिला से अन्भिग्य होंगे ! शर्मिला मणिपुर पूर्वोत्तर मे फ़ौजी शासन का कानून हटाने के लिये पिछले 8 साल से भूख हड्ताल पर है ! और ये गान्धी को राष्ट्रपिता मानने वाले देश की सबसे बडी विडम्बना है कि शार्मिला को “आत्महत्या के प्रयास” के आरोप मे गिरफ़्तारी और सजा भी मिल रही है। अगर गान्धीजी इस आजाद भारत मे सान्स ले रहे होते तो शायद वो फ़िर कभी उपवास या ‘hunger till die’ नही कर पाते, क्यो कि आत्महत्या के प्रयास मे उनको भी जेल भेज दिया जाता और मुकदमे मे 3-4 साल कि सजा भी होती।
भारत क कानून लिख्नने वाले इस भूख हड्ताल के हथियार से अच्छी तरह वाकिफ़ हो चुके थे और समझते थे कि ये हथियार उपलब्ध रहने दिया तो देश मे अपनी मर्जी से शासन चलाना मुस्किल हो जायेगा । इसलिये भूख हड्ताल को भी ‘आत्महत्या क प्रयास’ कह कर इस पर कानूनी शिकजा कस दिया।

खैर … यहा मुद्दा कानून का नही है बल्कि इतने बडे आन्दोलन पर जनमानस और मीडिया की उपेक्षित रवैया है । शर्मिला के बारे मे मुझे जानकारी 4-5 साल पहले ही हुई और वो भी BBC की वेबसाइट पर, जबकि यह उपवास आन्दोलन सन 2000 से जारी है। भारतीय टीवी मीडिया के लिये तो ये कभी खबर बनी नही और ना ही बन सकती है क्योकि इसमे कोइ मसाला नही है और ये चैनल की रेटिन्ग बढाने मे कोई मदद नही करेगा। ना यहा चान्द मोहम्मद जैसा रोमान्स है और ना ही गड्ढे मे फ़से बच्चे के जीवित होने या ना होने का सस्पेन्स् । और ना ही भूत प्रेत का किस्सा और ना ही किसी नागिन का पुनर्जन्म । फ़िर फ़र्क ही क्या पडता है इन मीडिया के दिग्गजो को … । मै बहुत सारे अखबार तो पढ नही पाता लेकिन जितनो का भी अनुसरण करता हू, किसी ने इस खबर को आज तक तबज्जो नही दी । और तो और बडी बडी बाते करने वाले भारतीय ब्लोग्विदो की भी बहुत कम प्रतिक्रिया ही दिखाई दी ।

खैर मीडिया को क्यो भला बुरा कहें … आज यह एक सिर्फ़ उद्योग ही तो है । और आम जनता … उसे भी क्या मतलब है … इस घटना से कोई उसकी रोजी रोटी पर फ़रक थोडी पडेगा । फ़िर आज की दुनिया मे कौन गान्धी … और कैसा गान्धीवाद । आज की जनता तो वैसे भी गान्धी को कोसती ही मिलती है । जहा भी मौका मिला गान्धी को लतिया ही लेते है… ऐसे मे जो गान्धीवाद की बात करे तो वो उनके लिये निरा मूर्ख है।

और विस्वास ना हो तो उन लोगो की राय सुनिये जो गान्धीजी के नाम का ही खाते पीते है … महात्मा गांधी की पोती इला गांधी भी इन्ही मे से एक है और कहती है – “जहाँ तक शर्मिला का सवाल है, इस बात को ध्यान रखने की ज़रूरत है कि गांधी ने कभी भी अकेले सत्याग्रह की बात नहीं की. उन्होंने इसके लिए समुदाय को साथ लेकर चलने की बात कही. दूसरा यह कि लोगों का समर्थन भी मिलना ज़रूरी है.”

अब क्या करे इला जी ? मैने जहा तक गान्धीजी को पढा और समझा है … उन्होने ये कभी नही कहा कि सत्याग्रह तभी करो जब बहुत सारा समर्थन हासिल हो …और आप को लगता है तो क्या आपने अभी तक शर्मिला के समर्थन किया ? क्या कभी उससे मिलने पहुची … किसी मन्च पर शर्मिला कि चर्चा की ? क्या आपने शर्मिला के समर्थन मे एक दिन का भी उपवास रखा ?

सन 2000 मे भारतीय फ़ोजियों ने शर्मिला के कस्बे मे घुसकर कइ लोगो को मौत के घाट उतार दिया था । मणिपुर पूर्वोतार राज्य मे सेना को “विशेष अधिकार अधिनियम” के तहत किसी को भी गिरफ़्तार करने और बिना मुकद्दमा चलाये अपने कब्जे मे रखने के अधिकार मिले हुए है। इन अधिकारो का सेना के लोगो का भरपूर दुरुपयोग होता है। ये कोइ एक एकलोती घटना नही है… बल्कि ना जाने कितने बेगुनाह मौत के घाट उतारे जा चुके है । 2000 मे शर्मिला की दुनिया उजड्ने के बाद उसने इस विशेषधिकार कानून के खिलाफ़ अपनी लडाई शुरु की । एक असहाय के पास ‘गान्धीवाद’ से बडा कोइ हथियार नही था … और इस हत्याकाण्ड के बाद शार्मिला ने भूख हड्ताल शुरू कर दी।

और तभी से ये अनवरत लडाई और अनवरत यातना जारी है …!
क्या आप और हम इस सन्घर्ष मे कुछ मदद कर सकते है ? कलम से ही सही …!

और अधिक जानकारी के लिये जाये :

http://en.wikipedia.org/wiki/Irom_Chanu_Sharmila
http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/01/070130_satyagrah_reality.shtml
http://www.imow.org/wpp/stories/viewStory?storyId=1084
http://darpan1.blogspot.com/2008/08/blog-post.html

6 Responses to “इरोम शर्मिला – कौन है …?”

  1. vakai me media ne bhi irom ko utna mahatva nahi diya jitna diya jana tha lekin isse irom ke satyagrah par koi fark nahi padta. uska ye aandolan lagatar jari rahega. rahi baat sarkar ki to wo kisi bhi party ki ho nirankush hi hain. inhe sirf apna dhyan rahata hai aam aadmi par kya bit rahi hai iski chinta nahi.

  2. Irom Sharmila ji jo kuch kar rahi hai vah prasnsniya hai baat sath dene kee he hai to mai saath to hu hee samasya ka nidan ho aur kahar barpane walo ko sadbudhhi aye aisi prabhu se vinitee hai
    ve saphal ho

  3. I came to know about Sharmila Irom and about her protest by this page only. I am dead against the military rule and against military rule situation. In fact, I am against any government intervention in pubic life. It is very painful and unfortunate that Sharmila Irom is alone in her movement.Recently I have decided to write blogs on social/ political issue. My inaugural blog was on Movement by Team Anna. I shall write my next blog on this topic.

  4. एक ऐसी जिदंगी जो किसी के लिए जीती हो.. जी भी नही सकती हो…
    शर्मिला इरोम ने जो अपनी जिदंगी मे किया शायद कोई और करने सोची
    लेकिन इस पर राज्य सरकार को नहीं तो भारत सरकार को कुछ करना चाहिए.. जिससे कि भारतीय समाज को इस पर गौर करना चाहिए..
    वहीं अपनी जिदगी में बिना परिवार के रहना.. जिदंगी का कलाम बन जाए
    इन सब की मजबूरीयों को समझ कर भी लोग अंजान बनते है
    शर्मिला ईरोम के गांव में जो लोगों फौजियों ने मारा ये एक मानव अधिकार से परे हैं
    औऱ इसका विरोध होना चाहिए…

  5. agar vastav me kisi ko social workar kahlane ka hak hai to sirf
    iron lady sharila irom ko.apne jiwan ke kimti 11 sal usne anne kisi swarth ke liye nahi balki is samaj ke liye un burayeeyo se ladne me lagaya jine uske jeevan ki sari khusiyan chhin li. wo bhi sirf isliye ki hamara samaj surkshit rah sake.hamare desh ke kathit neta,samaj seviyon,midia ko inse seekh lena chahiy aur is ladayee me unka sath dena chahiye.

  6. Iron Lady of Manipur, “Irom Chanu Sarmila” sabase pahle mai apke good thinking and good work ke liye Apko thankyou dena chahunga.

    Dosto, 60 ke dasak me bhale hi “AFSPA 1958″ ki jarurat rahi ho lekin aaj 21ve sadi me iss prakar ki jarurat nahi hai. Sarkar ko chahiye ki iss adhiniyam me tatkal sanhodan kare ,jisase begunaho ko bachaya ja sake aur “AFSPA 1958″ prabhavit area ke logo ko loktantric hone ka garve ho.

    JAIHIND

Leave a Reply