प्रणब मुखर्जी का बयान – डरपोकता की झलक
आतंकवादी तांडव के बीच प्रणब मुखर्जी के बयान को सुना….! लगा कि, किस तरह घिघिया रहे है … कह रहे है पाकिस्तान से कि भाई अपना तो समझोता हुआ है.. ऐसा नही करेंगे … ५ साल पहले से है .. फ़िर ऐसा क्यो कर रहे हो … कुछ समझोते कि इज्जत करो भाई … मत करो .. हमारे यहाँ आतंकवादियो को मत आने दो .. please …
प्रणव मुखर्जी ने कहा,” हम पाकिस्तान से अनुरोध कर रहे हैं कि आप अपना वादा पूरा कीजिए और अपने देश में चरमपंथ के ढाँचे को नष्ट कीजिए और जो लोग ऐसी गतिविधियों में लगे हैं, उन्हें गिरफ़्तार कीजिए.”
अरे अपना घर क्यो नही मजबूत करते … क्यो नही आतंकवाद को ख़तम करते …. क्यो नही कठोर कदम उठाते … और क्यो नही फ़िर पाकिस्तान को कहते कि तुम कितना भी सोच लो .. तुम कुछ नही कर सकते ….
लेकिन इतनी मर्दानगी कहा … सत्ता सुख के लिए सब न्योछावर … आज टीवी में आके कुछ दो चार बड़े बड़े शब्द बोल के रात को जा के वापस सो जायेंगे…
जब उनसे पूछा गया कि कि पोटा या उसके जैसा कोई कानून लाने का कोई विचार हो रहा है क्या …. तो उनका जबाब सुनाने लायक था… निहायत ही मुर्खता से भरा हुआ…. कहते है कि … पहले पोटा था तब भी तो आतंकवाद कि घटनाये होती थी… ! अरे नेताजी … और भी कई क़ानून है.. जो पहले भी थे …अभी भी है .. फ़िर भी आतंवादी घटनाये हो रही है .. तो इसका मतलब ये कि सारे कानूनों को ख़तम कर दिया जाए …? और उदहारण भी क्या खूब दिया .. अमेरिका के ९/११ का.. कैसे समझाए इनको कि उसके बाद अमेरिका ने कई नीतियों में फेरबदल किया और कठोर रुख अपनाया … और उसके बाद कोई दूसरी घटना को नही होने दिया…. साथ ही आतंकवादियो के घर में घुस कर उनको मारा … और आज भी लगातार मार रहा है…! अरे उनका उदाहरण दूसरो को दे रहे हो …. कुछ ख़ुद क्यो नही सीख ले लेते …!
ऐसे डरपोक घिघियाते विदेश मंत्री से निवेदन है कि कृपया गद्दी छोड़ दे और अपने घर में बैठ कर अनार अंगूर खाए ! जब तक आप विदेश मंत्री के पद पर काबिज रहेंगे .. आपका स्वस्थ्य तो फलता फूलता रहेगा …लेकिन आम लोगो कि जाने जाती रहेंगी…
राष्ट्र के प्रति कृतघ्न, गंदे, कापुरुष लोग.. और भी कहने का मन कर रहा है, पर..